रायगढ़ । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन पर तमनार पुलिस ने आमाघाट रोड पर ट्रक एवं ट्रेलर चालकों को निशाना बनाकर लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को आरोपियों द्वारा वाहनों पर पत्थरबाजी कर उन्हें रोककर चालक-परिचालकों से मारपीट एवं लूटपाट की सूचना मिल रही थी।
कल प्रार्थी रोहित कुमार पासवान (18 वर्ष), निवासी जिला गढ़वा (झारखंड), हाल मुकाम उर्दना, रायगढ़ ने थाना तमनार में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह ट्रक क्रमांक CG 10 R 2370 का चालक है। 02 जून की रात लगभग 1 से 2 बजे के बीच जब वह आमाघाट क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी सड़क पर मौजूद कुछ युवकों ने उसके ट्रक पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पत्थर लगने से ट्रक का शीशा टूट गया और उसके सिर में चोट आई। चालक द्वारा वाहन रोककर अपनी चोट देखने के दौरान एक आरोपी ट्रक के केबिन में चढ़ गया और उसकी जेब में रखा रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गया।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना तमनार में अपराध क्रमांक 123/2026 धारा 309(6) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव पुलिस टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पहुंचे। ग्रामीणों से पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि ग्राम देलारी निवासी रघुनाथ चौहान अपने साथियों के साथ मिलकर क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देता है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर ग्रामीणों की मदद से ग्राम देलारी में रघुनाथ चौहान एवं उसके साथी शिव कुमार अघरिया को पकड़ा। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने अन्य साथियों प्रवीण राठिया, जय किशन सोनार और किशन कंवर के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया।
आरोपी शिव कुमार अघरिया के कब्जे से लूटे गए मोबाइल फोन सहित कुल 6 मोबाइल बरामद किए गए, जिनमें प्रार्थी का रियलमी मोबाइल भी शामिल है। वहीं आरोपी रघुनाथ चौहान से घटना में प्रयुक्त टीवीएस मोटरसाइकिल जब्त की गई। पुलिस द्वारा अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिन्होंने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
प्रकरण में आरोपियों की पहचान परेड अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) घरघोड़ा के समक्ष कराई गई, जिसमें प्रार्थी ने सभी आरोपियों की पहचान की। जांच में यह तथ्य सामने आने पर कि पांच आरोपियों ने मिलकर मारपीट एवं लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था, प्रकरण में धारा 309(6) बीएनएस को विलोपित कर धारा 310(2) बीएनएस (डकैती) जोड़ी गई।











