घरघोड़ा। अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा ने पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी अभिलाल एक्का को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 1,000 का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही मृतिका के विधिक वारिसों एवं आश्रितों को विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से ₹1 लाख की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान किए जाने की अनुशंसा की है।
मामला चौकी रैरुमा खुर्द, थाना धरमजयगढ़ के अपराध क्रमांक 98/2021 से संबंधित है। अभियोजन के अनुसार, 27 मई 2021 को मोबाइल के माध्यम से सूचना मिली थी कि ग्राम बोंकी टोला पतरापारा में आरोपी अभिलाल एक्का ने अपनी पत्नी क्षमा एक्का की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी है।
सूचना मिलते ही तत्कालीन चौकी प्रभारी जेम्स कुजूर ने उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के दौरान महेश एक्का ने पुलिस को बताया कि घटना की सुबह वह अपनी मां के साथ घर के आंगन में बातचीत कर रहा था। इसी दौरान आरोपी अभिलाल एक्का वहां पहुंचा और कहा कि उससे कुछ गलती हो गई है। जब उससे गलती के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि क्षमा एक्का की मृत्यु हो गई है।
इसके बाद महेश आरोपी के साथ उसके घर पहुंचा, जहां क्षमा एक्का जमीन पर मृत अवस्था में पड़ी मिली। उसके सिर पर चोट के निशान थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने रात में अपनी पत्नी से सब्जी बनाने के लिए कहा था, लेकिन सब्जी नहीं बनाने पर वह गुस्से में आ गया और बांस के डंडे से उसके सिर एवं माथे पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने मामले में आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान आरोपी के कथन एवं निशानदेही के आधार पर घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा जब्त किया गया। इसके अलावा स्वतंत्र साक्षियों के बयान दर्ज किए गए और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपी के विरुद्ध धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलों का परीक्षण करने के बाद आरोपी अभिलाल एक्का को हत्या का दोषी पाया। न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास तथा ₹1,000 के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश पारित किया।
मामले में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पैरवी की। न्यायालय ने मृतिका के विधिक वारिसों एवं आश्रितों को विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से ₹1 लाख क्षतिपूर्ति दिए जाने की अनुशंसा भी की है।











