रायगढ़ । कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अनिल कुमार जगत जी के निर्देशन और जिला अंधत्व नोडल अधिकारी डॉ मीना पटेल जी व लोइंग खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रदीप राठौर जी के कुशल मार्गदर्शन में राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 25 अगस्त से 8 सितम्बर 2026 तक 41वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता के बीच नेत्रदान के महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करना और लोगों को मृत्यु के पश्चात अपनी नेत्रदान करने के लिए प्रेरित करना है।
*इस संबंध में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र -डुमरपाली में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारी श्री कार्तिक राम चौहान जी ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि हमारे देश में लाखों लोग कॉर्नियल अंधत्व (पुतली की खराबी) के कारण दृष्टिहीनता का जीवन जी रहे हैं। इनमें एक बड़ी संख्या बच्चों और युवाओं की है। कॉर्नियल अंधत्व से पीड़ित व्यक्तियों को केवल नेत्रदान के माध्यम से ही दोबारा रोशनी दी जा सकती है।नेत्रदान एक महादान है। हमारे जाने के बाद भी हमारी आंखें किसी के जीवन का अंधेरा मिटाकर दुनिया देख सकती हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सभी नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और प्रबुद्ध जनों से अपील करता है कि इस पुनीत कार्य में आगे आएं, फैली भ्रांतियों को दूर करें और नेत्रदान का संकल्प लेकर दूसरों को भी प्रेरित करें।”नेत्रदान से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या मृत्यु के पश्चात सूचना देने के लिए स्वास्थ्य विभाग के टोल-फ्री नंबर या नजदीकी शासकीय जिला अस्पताल के नेत्र बैंक (आई बैंक) से तुरंत संपर्क किया जा सकता है।
*इस अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र – डुमरपाली से डॉ निकिता पांडे,श्रीमती ममता पटेल, कुमुदनी सिदार, सोनल सारथी, शास्त्री खेस, देवना बाई चौहान, नेहा, यशोदा, श्री युगल पटेल, अजय किशोर बड़ा, भीम देवांगन, डोलेश्वर मेहरा, नील कुमार, भोज राम सारथी सहित ईलाज के लिए आये मरीज एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।









