रायगढ़। धरमजयगढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित कोल ब्लॉक के विरोध में पर्यावरण संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा को लेकर क्षेत्रवासियों का आक्रोश आज जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दिया। धरमजयगढ़ क्लब प्रांगण में हजारों की संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए, जहां से जल,जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों को बचाने की बुलंद अपील के साथ विरोध की मशाल जलाई गई। इस दौरान स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को स्पष्ट शब्दों में रखा गया।
धरमजयगढ़ क्षेत्र अंतर्गत 52 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने नगर के बीचों-बीच विशाल रैली की शक्ल में अपने विरोध को दर्ज कराया। रैली में “कोल माइंस नहीं चाहिए”, “विकास के नाम पर विनाश बंद कीजिए” और “अडानी नहीं चाहिए” जैसे गगनभेदी नारों से पूरा नगर गुंजायमान हो उठा। जनसमूह का संदेश साफ थाकृविकास वही, जो प्रकृति और मानव जीवन दोनों के लिए सुरक्षित हो।
वहीं इस जलदृजंगलदृजमीन और वन्य प्राणी सुरक्षा आंदोलन में क्षेत्रीय विधायक लालजीत सिंह राठिया भी कदम से कदम मिलाते नजर आए। उन्होंने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए ग्रामीणों के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिली।
आखिरकार रैली का समापन क्लब मैदान में हुआ, जहां धरमजयगढ़ के एसडीएम ने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन स्वीकार किया और उनकी मांगों पर उचित विचार का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने नगर के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी पर विश्वास जताते हुए उम्मीद बांधी कि उनकी आवाज इस बार अनसुनी नहीं होगी।
अब आगे देखने वाली बात यह होगी कि क्या प्रशासन वास्तव में ग्रामीणों और मजबूर किसानों के अधिकारों तथा पर्यावरण संरक्षण की बातों पर गंभीरता से ध्यान देता है, या फिर पूर्व की तरह यह जनआवाज भी फाइलों में दबकर रह जाती है। धरमजयगढ़ की जनता आज सजग है, और अपने भविष्य की लड़ाई लड़ने को तैयार दिखाई दे रही है।










