August 4, 2026

ऐप डाउनलोड करें

रेत माफियाओं पर तहसीलदार और नायब तहसीलदार का बड़ा एक्शन, 20 से ज्यादा डंपर अवैध बालू जब्त, पूंजीपथरा में मची हड़कंप बस स्टैंड प्रतीक्षालय में अज्ञात महिला का शव मिलने से सनसनी बिलासपुर में डेयरी एवं दुग्ध उत्पाद कारोबारियों की बैठक 5 अगस्त को प्रशिक्षण से स्वावलंबन तक पहुंच रहीं ग्रामीण महिलाएं, विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति एवं NABARD की पहल से महिला उद्यमियों को मिला बाजार का अवसर पुलिस के हत्थे चढ़ा ‘सीरियल चोर’ 1 बाइक, 2 स्कूटी के साथ सूने मकान और गैस सिलेंडर चोरी की वारदातों का एक साथ खुलासा रायगढ़ में बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का औचक निरीक्षण, पुलिस ने सुरक्षा मानकों की परखी तैयारियां , सीसीटीवी, अलार्म और गार्ड व्यवस्था का लिया जा रहा जायजा
रेत माफियाओं पर तहसीलदार और नायब तहसीलदार का बड़ा एक्शन, 20 से ज्यादा डंपर अवैध बालू जब्त, पूंजीपथरा में मची हड़कंप बस स्टैंड प्रतीक्षालय में अज्ञात महिला का शव मिलने से सनसनी बिलासपुर में डेयरी एवं दुग्ध उत्पाद कारोबारियों की बैठक 5 अगस्त को प्रशिक्षण से स्वावलंबन तक पहुंच रहीं ग्रामीण महिलाएं, विजयलक्ष्मी समाज कल्याण समिति एवं NABARD की पहल से महिला उद्यमियों को मिला बाजार का अवसर पुलिस के हत्थे चढ़ा ‘सीरियल चोर’ 1 बाइक, 2 स्कूटी के साथ सूने मकान और गैस सिलेंडर चोरी की वारदातों का एक साथ खुलासा रायगढ़ में बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था का औचक निरीक्षण, पुलिस ने सुरक्षा मानकों की परखी तैयारियां , सीसीटीवी, अलार्म और गार्ड व्यवस्था का लिया जा रहा जायजा

सिंधी नववर्ष और भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव ‘चेटीचंड’, श्रद्धा और सांस्कृतिक गौरव का संगम

रायगढ़। “जे को चवंदो झूलेलाल, तंहिंजा थिंदा बेड़ा पार”—यह केवल पंक्ति नहीं, बल्कि सिंधी समाज की अटूट आस्था, विश्वास और जीवन-दर्शन का प्रतीक है। भारत की विविध सांस्कृतिक धरोहर में ” एक ऐसा पावन पर्व है, जो सिंधी समुदाय के नववर्ष के साथ-साथ भगवान झूलेलाल के अवतरण दिवस के रूप में अत्यंत हर्ष , उल्लास और श्रद्धा से मनाया जाता है।
इस दिन वातावरण भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठता है। श्रद्धालु बहाराणा साहिब की सजीव झांकी के साथ जल स्रोतों की ओर प्रस्थान करते हैं, जहाँ विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। भजन, कीर्तन और पारंपरिक नृत्य पूरे परिवेश को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर देते हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामूहिक एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक गौरव का भी जीवंत उत्सव है।


सिंधी समुदाय अपनी समृद्ध परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। व्यापार, उद्योग और उद्यमिता के क्षेत्र में उनका योगदान भारतीय अर्थव्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ करता है। इस समाज के पुरुष और महिलाएँ समान रूप से परिश्रमी, दूरदर्शी और आत्मनिर्भर हैं।
विभाजन की त्रासदी के पश्चात विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने अदम्य साहस और अटूट संकल्प के बल पर न केवल स्वयं को स्थापित किया, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।
आज के तेजी से बदलते समय में चेटीचंड हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने, एकता बनाए रखने और परिश्रम के मार्ग पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देता है। यह पर्व हमें सिखाता है कि आस्था और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ हर कठिनाई को पार किया जा सकता है।
निस्संदेह, चेटीचंड केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता को समृद्ध करने तथा राष्ट्र निर्माण में जीवंत भूमिका निभाने वाली एक जीवंत गाथा है, हम सब मिलकर इसका सम्मान करें।

Sailaab News
Author: Sailaab News

Owner name : ajay kumar khatri

और पढ़ें
9
Did you like our Portal?

Did you like our Portal?