March 22, 2026

ऐप डाउनलोड करें

जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का जताया आभार, चेट्री-चंड्र महोत्सव – समिति आभार “झूलेलाल जयंती पर सिंधी समाज की आस्था और एकजुटता का भव्य संदेश, चेट्री-चंड्र महोत्सव हर्षोल्लास से संपन्न” डूमरपाली में भूपदेवपुर पुलिस ने लगाया पुलिस जन चौपाल, साइबर जागरूकता, नशामुक्ति और महिला सुरक्षा पर जोर, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने नागरिक सहभागिता को बताया जरूरी, “हेलो सिस्टर” हेल्पलाइन की दी जानकारी शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार, महिला थाना की त्वरित कार्रवाई, फेसबुक के जरिए हुई पहचान के बाद आरोपी ने बनाया संबंध, शादी से मुकरने पर दर्ज हुआ अपराध बिलासपुर जलाशय का अचानक टूट गया गेट, हजारों क्यूसेक पानी बाहर निकला, रोकने का प्रयास जारी सिंधी नववर्ष और भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव ‘चेटीचंड’, श्रद्धा और सांस्कृतिक गौरव का संगम
जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का जताया आभार, चेट्री-चंड्र महोत्सव – समिति आभार “झूलेलाल जयंती पर सिंधी समाज की आस्था और एकजुटता का भव्य संदेश, चेट्री-चंड्र महोत्सव हर्षोल्लास से संपन्न” डूमरपाली में भूपदेवपुर पुलिस ने लगाया पुलिस जन चौपाल, साइबर जागरूकता, नशामुक्ति और महिला सुरक्षा पर जोर, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने नागरिक सहभागिता को बताया जरूरी, “हेलो सिस्टर” हेल्पलाइन की दी जानकारी शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार, महिला थाना की त्वरित कार्रवाई, फेसबुक के जरिए हुई पहचान के बाद आरोपी ने बनाया संबंध, शादी से मुकरने पर दर्ज हुआ अपराध बिलासपुर जलाशय का अचानक टूट गया गेट, हजारों क्यूसेक पानी बाहर निकला, रोकने का प्रयास जारी सिंधी नववर्ष और भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव ‘चेटीचंड’, श्रद्धा और सांस्कृतिक गौरव का संगम

सिंधी नववर्ष और भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव ‘चेटीचंड’, श्रद्धा और सांस्कृतिक गौरव का संगम

रायगढ़। “जे को चवंदो झूलेलाल, तंहिंजा थिंदा बेड़ा पार”—यह केवल पंक्ति नहीं, बल्कि सिंधी समाज की अटूट आस्था, विश्वास और जीवन-दर्शन का प्रतीक है। भारत की विविध सांस्कृतिक धरोहर में ” एक ऐसा पावन पर्व है, जो सिंधी समुदाय के नववर्ष के साथ-साथ भगवान झूलेलाल के अवतरण दिवस के रूप में अत्यंत हर्ष , उल्लास और श्रद्धा से मनाया जाता है।
इस दिन वातावरण भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठता है। श्रद्धालु बहाराणा साहिब की सजीव झांकी के साथ जल स्रोतों की ओर प्रस्थान करते हैं, जहाँ विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। भजन, कीर्तन और पारंपरिक नृत्य पूरे परिवेश को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर देते हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामूहिक एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक गौरव का भी जीवंत उत्सव है।


सिंधी समुदाय अपनी समृद्ध परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। व्यापार, उद्योग और उद्यमिता के क्षेत्र में उनका योगदान भारतीय अर्थव्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ करता है। इस समाज के पुरुष और महिलाएँ समान रूप से परिश्रमी, दूरदर्शी और आत्मनिर्भर हैं।
विभाजन की त्रासदी के पश्चात विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने अदम्य साहस और अटूट संकल्प के बल पर न केवल स्वयं को स्थापित किया, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।
आज के तेजी से बदलते समय में चेटीचंड हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने, एकता बनाए रखने और परिश्रम के मार्ग पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देता है। यह पर्व हमें सिखाता है कि आस्था और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ हर कठिनाई को पार किया जा सकता है।
निस्संदेह, चेटीचंड केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता को समृद्ध करने तथा राष्ट्र निर्माण में जीवंत भूमिका निभाने वाली एक जीवंत गाथा है, हम सब मिलकर इसका सम्मान करें।

Sailaab News
Author: Sailaab News

Owner name : ajay kumar khatri

और पढ़ें

डूमरपाली में भूपदेवपुर पुलिस ने लगाया पुलिस जन चौपाल, साइबर जागरूकता, नशामुक्ति और महिला सुरक्षा पर जोर, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने नागरिक सहभागिता को बताया जरूरी, “हेलो सिस्टर” हेल्पलाइन की दी जानकारी

अफीम की खेती देखने जिला अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी के नेतृत्व में तमनार पहुंचे कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल, दुर्ग-बालरामपुर के बाद अब रायगढ़ में अफीम की खेती का बड़ा खुलासा, कांग्रेस का तीखा हमला- जांच की मांग

6
Did you like our Portal?

Did you like our Portal?