रायगढ़। सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बायो बैच 2001 के पूर्व छात्र-छात्राओं का 25 वर्ष पूर्ण होने पर सिल्वर जुबली रीयूनियन समारोह उत्साह, आत्मीयता एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर से हुई, जहाँ पूर्व विद्यार्थियों ने अपने छात्र जीवन की मधुर स्मृतियों को पुनः जीवंत किया। उन्होंने अपने पुराने कक्षाओं, प्रांगण एवं उन स्थानों का भ्रमण किया जहाँ से उनके सपनों और सफलताओं की यात्रा प्रारंभ हुई थी।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व विद्यार्थियों ने अपनी मातृसंस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए गुरुजनों का सम्मान कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की तथा विद्यालय के बालवाटिका को स्मृति-स्वरूप उपहार भेंट किया। सभी ने स्वीकार किया कि विद्यालय से प्राप्त शिक्षा, संस्कार, अनुशासन एवं मार्गदर्शन ने उनके व्यक्तित्व निर्माण और जीवन में सफलता प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बैच के अनेक पूर्व छात्र आज विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में डॉ. जितेन्द्र कुमार नायक मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में एसोसिएट प्रोफेसर एवं धन्वन्तरि हेल्थ केयर के निदेशक के रूप में, डॉ. राकेश कुमार पटेल एम.डी. (मेडिसिन) विशेषज्ञ के रूप में, डॉ. हर्षवर्धन मेहर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, डॉ. अखिलेश कुमार बंजारे जिला स्तरीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभारी अधिकारी, डॉ. अमित आशीष तिर्की, डॉ. अभिषेक शर्मा, डॉ. भूपेन्द्र पटेल, डॉ. कुलकेश राठौर, डॉ. जितेन्द्र तिवारी, डॉ.अंकिता श्रीवास्तव, डॉ. सीताराम पटेल, डॉ चन्द्रशेखर साहू, हरीश नायक, नव कुमार एवं दीपशिखा अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में प्राचार्य रजनी दुबे, तरुण पटेल, लकेश्वर जटवर, अंजू पैंकरा, बुलबुल जायसवाल, सीमा सांवरिया एवं सुधा ठाकुर नई पीढ़ी के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। प्रशासन एवं तकनीकी क्षेत्र में सूरज सिदार मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा रीतेश यादव उप अभियंता व अजय चौधरी कृषि विस्तार अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उद्योग एवं ऊर्जा क्षेत्र में प्रेम श्रीवास, सनत कुमार नायक, तारिक अनवर एवं विपिन साहू प्रतिष्ठित पदों पर सेवाएँ दे रहे हैं। बैंकिंग क्षेत्र में सौरभ दुबे भारतीय स्टेट बैंक में चीफ मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। वहीं व्यवसाय एवं उद्यमिता के क्षेत्र में सौरभ गुप्ता, विजय अग्रवाल, वतन दुबे, श्रीकांत नागदे, अर्पण भार्गव एवं अधिवक्ता कावेरी सफलतापूर्वक अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। रेलवे में धर्मेन्द्र सिंह ठाकुर अपनी सेवा दे रहे है। साथ ही अन्य विद्यार्थी भी अपने अपने क्षेत्र में सफल और समृद्ध जीवन बीता रहे हैं। ये सफलता सिर्फ व्यक्ति विशेष की सफलता ही नहीं संपूर्ण विद्यालय की सफलता को दर्शाता है।
विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के पश्चात सभी पूर्व छात्र-छात्राएँ जिंदल रीजेंसी होटल में एकत्रित हुए, जहाँ रीयूनियन समारोह, परिचय सत्र, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, मनोरंजक गतिविधियाँ, एवं सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। वर्षों बाद मिले सहपाठियों ने पुरानी यादों को साझा करते हुए मित्रता के अटूट बंधन को पुनः मजबूत किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी पूर्व विद्यार्थियों ने विद्यालय की उन्नति, वर्तमान विद्यार्थियों के मार्गदर्शन तथा सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों में निरंतर सहयोग देने का संकल्प लिया। रीयूनियन ने यह संदेश दिया कि समय भले ही बीत जाए, लेकिन विद्यालय से जुड़ी यादें, संस्कार और मित्रता सदैव जीवंत रहती हैं।
“मंज़िलें अलग हैं, लेकिन यादें एक हैं… और दोस्ती आज भी वैसी ही है।”
— बायो बैच 2001, सिल्वर जुबली रीयूनियन











