रायगढ़। विगत दिवस 10 जून को कोतरा रोड थाना अंतर्गत ग्राम नवापारा निवासी संजय बघेल पिता प्यारे लाल बघेल को तथाकथित शराब बेचने के मामले पर एक पुलिस कर्मी द्वारा गिरफ्तार कर कार्रवाई करते हुए जेल निरुद्ध किया गया था,जेल में निरुद्ध बंदी संजय बघेल को दो दिन बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया और दो चार घंटे के उपचार के दौरान अचानक उसकी मृत्यु हो जाने की घटना होना जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहे हैं।
मृतक के परिजनों का कहना है कि जब पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था तब संजय बघेल पूरी तरह से स्वस्थ था पर अचानक जेल में उसके साथ क्या हुआ जिसके कारण उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया और कुछ ही घंटे के इलाज के बाद मौत हो गई,संजय बघेल के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के मरच्यूरी में मृतक संजय को देखने जाने से पुलिस द्वारा रोका जाना ,और मृतक के शरीर पर गंभीर चोट के निशान देखा जाना , इससे परिजनों को आशंका है कि जेल के अंदर संजय के साथ मारपीट जैसी कोई अप्रिय घटना हुई है जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
शाखा यादव ने कहा कि जेल में निरुद्ध बंदी के साथ मारपीट की आशंका जताए जाने के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष एवं न्यायिक जांच की आवश्यकता है।
जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले माह भी रायगढ़ जेल में निरुद्ध एक अन्य बंदी की अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हुई थी, लेकिन उस मामले की सच्चाई आज तक सामने नहीं आ सकी और मामला धीरे-धीरे दब गया। अब लगातार दूसरी बार जेल में बंद व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में अस्पताल में भर्ती किया गया और मौत होना बेहद चिंताजनक है और इससे जेल प्रशासन की व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि जब कोई व्यक्ति न्यायिक अभिरक्षा में होता है, तब उसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होती है। ऐसे में लगातार बंदियों की संदिग्ध मौतें कई प्रकार के संदेह को जन्म देती है और यह संकेत देती हैं कि कहीं न कहीं व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। यदि मृतक के शरीर पर चोट के निशान हैं और परिजन मारपीट की आशंका जता रहे हैं, तो मामले को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
यहां एक उल्लेखनीय बात भी पता चल रही है कि मृतक संजय बघेल की दो छोटी-छोटी बच्चियाँ हैं जिनमें से एक बच्ची बाल हृदय रोग से ग्रसित है उसके इलाज कराने के लिए पैसे के इंतजाम में लगा हुआ था पर अब उसके मृत्यृ से परिवार बेसहारा हो गया।











