रायगढ़ । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में महिला संबंधी अपराधों एवं लापता बालक-बालिकाओं की त्वरित खोजबीन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में संचालित “अभियान संवेदना” के तहत थाना धरमजयगढ़ पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए लापता हुई 17 वर्षीय बालिका को महाराष्ट्र के मुंबई शहर से सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों को सुपुर्द किया है। वहीं थाना कोतरारोड़ क्षेत्र से वर्ष 2022 में लापता हुई नाबालिग बालिका को राजस्थान के जिला डिडवाना से दस्तयाब किया गया है। मामले में नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने, विवाह करने और शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
पढ़ाई को लेकर डांट-फटकार के बाद घर से चली गई थी बालिका
24 मई को थाना धरमजयगढ़ में एक महिला द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसकी लगभग 17 वर्षीय पुत्री 24 मई की रात करीब 2 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई है और काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका है। परिजनों द्वारा रिश्तेदारों एवं आसपास के क्षेत्रों में तलाश किए जाने के बावजूद बालिका का पता नहीं चलने पर थाना धरमजयगढ़ में गुमशुदगी दर्ज कर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 148/2026 धारा 137(2) BNS दर्ज कर तत्काल खोजबीन शुरू की गई।
थाना प्रभारी धरमजयगढ़ निरीक्षक राजेश जांगड़े द्वारा बालिका के परिजनों, सहेलियों एवं अन्य परिचितों से पूछताछ कर लगातार पतासाजी की जा रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि बालिका मुंबई में है। जानकारी मिलते ही एएसआई मंजू मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मुंबई रवाना की गई। टीम द्वारा दादर क्षेत्र में लगातार खोजबीन कर बालिका को सकुशल दस्तयाब किया गया।
पूछताछ में बालिका ने बताया कि पढ़ाई को लेकर घरवालों द्वारा डांटने-फटकारने से वह नाराज होकर घर छोड़कर निकल गई थी। वह ट्रेन से रायपुर की ओर जा रही थी, इसी दौरान ट्रेन में एक ट्रांसजेंडर से उसकी मुलाकात हुई, जो कोलकाता से मुंबई जा रही थी। उसके साथ वह मुंबई पहुंच गई और दादर क्षेत्र में रहने लगी। बाद में रायगढ़ पुलिस टीम द्वारा संपर्क कर उसे सुरक्षित वापस लाया गया।
बालिका को रायगढ़ लाकर उसकी काउंसलिंग की गई तथा सुरक्षा एवं जागरूकता संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई। उसे समझाइश दी गई कि किसी भी अपरिचित व्यक्ति के साथ जाने से बचें और किसी भी समस्या की स्थिति में परिवार या पुलिस से संपर्क करें। वहीं परिजनों को भी बालिका के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखने तथा अनावश्यक डांट-फटकार से बचने की सलाह दी गई। काउंसलिंग की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के सुपरविजन में गुम बालिका की पतासाजी और सकुशल दस्तयाबी में निरीक्षक राजेश जांगडे थाना प्रभारी धरमजयगढ़, एएसआई मंजु मिश्रा, महिला आरक्षक सोनम उरांव और आरक्षक विजयनंद राठिया की अहम भूमिका रही है ।











