रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक दुर्लभ प्रजाति का रेड सैंड बोआ सांप मिला है। सर्प रक्षक समिति रायगढ़ और वन विभाग की त्वरित सतर्कता व सूझबूझ से सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार सर्प रक्षक समिति के वरिष्ठ रेस्क्यूवर पुष्पेंद्र त्रिपाठी को कल सूचना मिली कि शहर से लगे हुए ग्राम धनागर में एक व्यक्ति के घर पर रेड सैंड बोआ सांप देखा गया है, जिसे कोई अज्ञात व्यक्ति जंगल में छोड़ने का झांसा देकर अपने साथ ले गया है। इस सूचना पर सर्प रक्षक टीम के अध्यक्ष विनितेश तिवारी ने तत्काल समिति के सचिव सुमित बेहरा को सांप को अपनी सुरक्षा में लेने को कहा। जिसके बाद वन विभाग को मामले की जानकारी दी गई।
सर्प रक्षक समिति के अध्यक्ष विनितेश तिवारी ने बताया कि सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे वन विभाग में उप वनमंडलाधिकारी एवं रेंजर एसएल लकड़ा को सौंपते हुए विस्तृत जानकारी दी गई। जिसके बाद वन विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में उक्त सांप को सुरक्षित प्राकृतिक पुनर्वास में छोड़ दिया गया है।
जानिए रेड सैंड बोआ के बारे में
सर्प रक्षक समिति के अध्यक्ष विनीतेश तिवारी ने बताया कि रेड सैंड बोआ सांप को बोलचाल की भाषा में बिल खोदू सांप या दोमुंहा सांप भी कहा जाता है। इसके पूछ का हिस्सा भी सिर जैसा गोल दिखता है। जिससे भ्रम की स्थिति बनती है। यह सांप पूरी तरह विषहीन और शांत स्वभाव का होता है। जो कि जमीन में बिल बनाकर उसे उपजाऊ बनाता है। साथ ही किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले चूहों को खाकर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखता है।
अंधविश्वास के चलते होती है तस्करी
सर्प रक्षक समिति के अध्यक्ष विनीतेश तिवारी ने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में इस सांप की कीमत करोड़ों में है। इस सांप का उपयोग कैंसर की दवा के अलावा लग्जरी उत्पादों में उपयोग जैसे अंधविश्वास के चलते इसकी अवैध तस्करी की कोशिशें की जाती है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत इस सांप को पकड़ना, पालना, मारना या इसका व्यापार करना गैर-कानूनी व गंभीर अपराध है। ऐसा करते पाए जाने पर 3 से 7 साल कारावास व जुर्माने का प्रावधान है।
10 वर्षों बाद दिखा यह दुर्लभ सांप
सर्प रक्षक समिति के अध्यक्ष विनितेश तिवारी ने बताया कि रायगढ़ और आसपास के क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों में यह सांप पहली बार देखा गया है। जिससे आम जनता से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार के अंधविश्वास अथवा झांसे में ना आएं। किसी भी प्रकार का सांप या वन्य प्राणी दिखने पर वन विभाग एवं सर्प रक्षक टीम को सूचना दे।










