August 3, 2026

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गुम बालिका की दस्तयाब, नाबालिग को भगा ले जाने वाला आरोपी गिरफ्तार, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार कर भेजा जेल गुरु-शिष्य ने रचा इतिहास, तगड़ी फाइट के बाद भारत के नाम किया स्वर्ण पदक, रायगढ़ की बेटी अनिया सिंह ने अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में जीता गोल्ड बिलासपुर में पनीर एनालॉग और गैर-दुग्ध उत्पादों पर सख्ती, खाद्य कारोबारियों को जारी चेतावनी छत्तीसगढ़ में नकली डेयरी उत्पादों पर एक साल का प्रतिबंध, सरकार का बड़ा फैसला खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने एनालॉग पनीर पर सख्ती के दिए निर्देश, उपभोक्ताओं को भ्रमित करने पर होगी कार्रवाई इनर व्हील क्लब ऑफ रायगढ़ सेंट्रल ने उत्साहपूर्वक मनाया फ्रेंडशिप डे
गुम बालिका की दस्तयाब, नाबालिग को भगा ले जाने वाला आरोपी गिरफ्तार, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार कर भेजा जेल गुरु-शिष्य ने रचा इतिहास, तगड़ी फाइट के बाद भारत के नाम किया स्वर्ण पदक, रायगढ़ की बेटी अनिया सिंह ने अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में जीता गोल्ड बिलासपुर में पनीर एनालॉग और गैर-दुग्ध उत्पादों पर सख्ती, खाद्य कारोबारियों को जारी चेतावनी छत्तीसगढ़ में नकली डेयरी उत्पादों पर एक साल का प्रतिबंध, सरकार का बड़ा फैसला खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने एनालॉग पनीर पर सख्ती के दिए निर्देश, उपभोक्ताओं को भ्रमित करने पर होगी कार्रवाई इनर व्हील क्लब ऑफ रायगढ़ सेंट्रल ने उत्साहपूर्वक मनाया फ्रेंडशिप डे

101 हथियारों के साथ 108 माओवादियों का समर्पण 1 किलो सोना और 3.60 करोड़ नगद की रिकॉर्ड बरामदगी

बस्तर । छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों को एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। ‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल के अंतर्गत दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 108 माओवादी कैडरों ने जगदलपुर में सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण किया। इनमें 44 महिलाएँ और 64 पुरुष शामिल हैं।

इन सभी पर कुल 3.95 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। विभिन्न जिलों से आए इन नक्सलियों में बीजापुर से 37, दंतेवाड़ा से 30, सुकमा से 18, बस्तर से 16, नारायणपुर से 4 और कांकेर से 3 शामिल थे।

इस सरेंडर के साथ ही सुरक्षा बलों (छत्तीसगढ़ पुलिस, CRPF, COBRA आदि) को अब तक की सबसे बड़ी नक्सली डंप बरामदगी मिली है। सरेंडर करने वाले कैडरों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से बरामद सामग्री में शामिल हैं:

यह बरामदगी नक्सल विरोधी अभियानों के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी मानी जा रही है। बस्तर आईजी पी. सुंदरराज ने इसे क्षेत्र की बदलती तस्वीर बताया और जोर दिया कि यह पहल केवल हथियार छुड़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि भटके हुए युवाओं को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

108 माओवादी कैडरों का सामूहिक आत्मसमर्पण और उसके साथ जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी डंप बरामदगी स्पष्ट संकेत देती है कि नक्सल संगठनों की आर्थिक और सैन्य ताकत अब टूटने की कगार पर है।

केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 की समय-सीमा से महज 20 दिन पहले यह उपलब्धि ‘नक्सल मुक्त भारत’ के लक्ष्य को वास्तविकता के निकट ला रही है। ‘पूना मारगेम’ जैसी पुनर्वास नीतियाँ “जो हिंसा छोड़ने वालों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सम्मान का आश्वासन देती हैं, सिद्ध कर रही हैं कि विकास और संवाद बल प्रयोग से अधिक प्रभावी हथियार हैं।

Sailaab News
Author: Sailaab News

Owner name : ajay kumar khatri

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