रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र में संचालित आर्य विद्या सभा सलखिया आश्रम एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। सेवा और शिक्षा के नाम पर चलने वाले इस संस्थान में RTI के जरिए ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्होंने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में दो बड़े वित्तीय गड़बड़ी सामने आए हैं, जिनमें कुल मिलाकर लाखों रुपए के गबन की आशंका जताई जा रही है।
पहला मामला बच्चों की शिष्यवृत्ति राशि से जुड़ा है। दस्तावेजों के अनुसार, आश्रम में अध्ययनरत बच्चों के नाम पर 7 लाख रुपए से अधिक की शिष्यवृत्ति राशि आहरित की गई। लेकिन हैरानी की बात यह है कि बच्चों को इस राशि का लाभ नहीं मिला। जांच के दौरान स्वयं बच्चों ने लिखित बयान देकर पुष्टि की कि उन्हें कोई पैसा नहीं दिया गया। इससे साफ है कि बच्चों के अधिकारों पर सीधा डाका डाला गया है।
दूसरा मामला छात्रावास में भोजन पकाने के लिए जलाऊ लकड़ी खरीदी से संबंधित है। रिकॉर्ड में वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान दो लाख रुपए से अधिक की लकड़ी खरीदी दर्शाई गई है। जबकि जिन ग्रामीणों के नाम पर भुगतान दिखाया गया है, उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने पिछले 10 वर्षों से आश्रम को कोई लकड़ी नहीं बेची। यानी फर्जी बिल और भुगतान के जरिए राशि की हेराफेरी की गई।
इन दोनों मामलों ने आश्रम प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतों और दस्तावेजी प्रमाणों के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को भी उजागर करता है।
इस मामले में संस्था के आचार्य जोगीराम भोय ने आधिकारिक जांच रिपोर्ट को भी गलत बताया। वर्तमान संचालक का कहना है कि उन्हें फसाया जा रहा है और संस्था की छवि को धूमिल किया जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवालिया है कि जब आरटीआई से इस पर्दे का राज खुला और प्रशासनिक टीम के द्वारा जांच की गई तो जांच में स्पष्ट रूप से पाया गया कि आश्रम में बड़ी बांधली और लाखों का गबन किया गया है।
सलखिया आश्रम को लेकर कई सारी शिकायतें है, जिसे जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री को तक को किया गया है। लेकिन इसके बावजूद यहां शिष्यवृत्ति जैसे राशि जो आश्रम में पढ़ने वाले बच्चों को दिया जाता है। उसे गबन कर दिया गया और फर्जी एंट्री कर शासन को बताया गया कि 7 लाख से ज्यादा राशि छात्रवृत्ति के रूप में दिया गया है।
बहरहाल आश्रम के कई सारी बिंदुओं में शिकायत होने के बाद देखना होगा जांच टीम की जांच रिपोर्ट किसी नतीजे तक पहुंचती है और दोषियों के खिलाफ कब तक कार्यवाही होगी।









