रायगढ़। जिला जेल में बंद नावापारा निवासी संजय बघेल की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मामले को लेकर बढ़ते विवाद और परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बीच पुलिस विभाग ने कोतरा रोड थाने के दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है। वहीं पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच जारी है, जिससे अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिक गई हैं।
पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने मामले को संवेदनशील बताते हुए कहा है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि नावापारा निवासी संजय बघेल को नशीले पदार्थों से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने पुलिस पर मारपीट और 40 हजार रुपये की मांग जैसे गंभीर आरोप लगाए, जिससे मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।
एसएसपी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास आरोपों से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य, दस्तावेज या तथ्यात्मक जानकारी है तो वह पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करे, ताकि जांच सही दिशा में आगे बढ़ सके। उन्होंने मीडिया और आम नागरिकों से भी अपील की कि अपुष्ट जानकारी और अफवाहों के आधार पर निष्कर्ष निकालने से बचें।
मृतक के शरीर पर दिखाई देने वाले निशानों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच फॉरेंसिक विशेषज्ञों की प्रारंभिक राय भी सामने आई है। विशेषज्ञों के अनुसार शरीर पर दिखाई देने वाले कुछ निशान मृत्यु के बाद होने वाले प्राकृतिक वैज्ञानिक परिवर्तनों, जिन्हें पोस्टमार्टम लिविडिटी कहा जाता है, के कारण भी हो सकते हैं। हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और न्यायिक जांच के निष्कर्षों के बाद ही संभव होगी।
इधर जिला जेल प्रशासन ने भी बंदियों के साथ मारपीट के आरोपों को खारिज किया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि हाल के दिनों में जिन दो बंदियों की मृत्यु हुई है, वे लंबे समय से शराब सेवन के आदी बताए गए थे। उन्होंने कहा कि मौत के वास्तविक कारणों का पता चिकित्सकीय और न्यायिक जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल संजय बघेल की मौत को लेकर कई सवाल अनुत्तरित हैं। क्या गिरफ्तारी के बाद उसके साथ मारपीट हुई थी? क्या स्वास्थ्य संबंधी कोई गंभीर समस्या मौत की वजह बनी? शरीर पर मिले निशानों की वास्तविकता क्या है? इन सभी सवालों के जवाब अब न्यायिक जांच की अंतिम रिपोर्ट से ही सामने आएंगे।











