रायगढ़. जिले में प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक को उसी की प्रेमिका ने अपने एक अन्य प्रेमी के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद शव जलाकर पूरे मामले को आत्महत्या का रूप देने का भी प्रयास किया था। अदालत ने इस मामले का फैसला सुनाते हुए आरोपिया को आजीवन कारावास एवं 2 हजार रुपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है।
मामले का संक्षिप्त विवरण देते हुए अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने बताया कि 2 मार्च 2021 को कापू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम भोजपुर गांव के कोटवार ने थाने में सूचना देते हुए बताया था कि आरोपिया यशोदा उर्फ दशोदा सारथी का प्रेमी देवा उर्फ लखन सिदार 1 मार्च 2021 की रात लगभग 8ः30 बजे मेहमानी में आया था जो रात 9ः30 बजे अपने ही शरीर पर मिट्टी तेल छिड़ककर माचिस मारते हुए आत्महत्या कर लिया।
इस घटना के बाद तत्कालीन विवेचना अधिकारी धनीराम राठौर ने मर्ग कायम कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। इस दौरान जांच में पाया गया कि घटना दिनांक को मृतक देवा उर्फ लखन सिदार अपनी प्रेमिका यशोदा उर्फ दशोदा से मिलने आया था। किन्तु यशोदा उर्फ दशोदा को एक अन्य प्रेमी फरार आरोपी दुष्यंत यादव के पास देखते ही दोनों भीड़ गए। जिसके बाद आरोपियों ने मिलकर गला दबाकर देवा उर्फ लखन सिदार की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव पर मिट्टी तेल छिड़ककर आग लगा दी। अगले दिन आरोपिया ने गांव के कोटवार को मृतक के द्वारा आत्महत्या कर लेने की सूचना दी थी।
विवेचना के दौरान आरोपिया यशोदा ने सह आरोपी दुष्यंत यादव के साथ मिलकर मृतक देवा की हत्या कर उसके शव को जलाने की बात स्वीकार की। जिसके बाद साक्ष्यों के आधार पर यशोदा सारथी एवं फरार आरोपी दुष्यंत यादव के खिलाफ धारा 302, 201, भारतीय दण्ड संहिता के तहत न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया था। अपर सत्र न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने सभी साक्षियों के बयान दर्ज कराए तथा उभय पक्ष के तर्क श्रवण करने के पश्चात आरोपिया यशोदा उर्फ दशोदा सारथी को देवा उर्फ लखन सिदार की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास तथा जुर्माने से दंडित किया है। साथ ही मृतक के परिजनों को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से 1 लाख रुपए दिलाए जाने की अनुशंसा की है।











