आदिवासी धर्म कोड एवं विभिन्न समस्याओं से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को जिसमें छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के अधिकारों स्वशासन सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक अधिकारों ~
1. जनगणना में पृथक आदिवासी धर्म कोड आदिवासी समुदाय के लिए पृथक आदिवासी धर्म कोड की मांग का स्वासंति से प्रस्ताव पारित किया गया ।
2. आगामी समय में होने वाले परिसीमन में आदिवासी प्रतिनिधित्व की सुरक्षा। आदिवासी जनसंख्या को ही ना देखा जाए भौतिक भौगोलिक क्षेत्र को भी ध्यान में रखा जाए आदिवासी आरक्षित सीटों की संख्या एवं प्रभावशीलता बनाई रखी जाए।
3. स्थानीय भरती जिला स्तरीय रोस्टर आरक्षण जनसंख्या के अनुपात में आदिवासी वर्ग को पदोन्नति तथा सीधी भर्ती में 100 बिंदु आरक्षण रोस्टर प्रणाली लागू की जाए।
जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन किया जाए फर्जी जाति प्रमाण पत्र के प्रकरण सुनने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की जाए।
4. निजीकरण पर रोक अनुसूचित क्षेत्र में शिक्षा स्वास्थ्य खनिज वन एवं सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाई जाए बस्तर और सरगुजा में किसी भी लोहा कोयला बॉक्साइट खदान अधिक हो निजी कंपनियों को ना दिया जाए।
5. जल जंगल जमीन की सुरक्षा आदिवासी समुदाय के परंपरागत सामुदायिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए भूमि अधिग्रहण एवं विस्थापन /पुनर्वास संबंधित मामलों में पहल की जाए।
6. अनुसूचित क्षेत्रों में भू राजस्व संहिता की धारा 165 (6)के तहत आदिवासी जमीन लीज पर दिया जाने के प्रावधानों को समाप्त किया जाए।
7. भू माफिया नियंत्रण कानून राज्य में आदिवासी भूमि पर अवैध कब्जों की जांच कराई जाए अनुसूचित क्षेत्र के लिए विशेष भूमि नियंत्रण कानून बनाया जाए अवैध रूप से हस्तांतरित आदिवासी भूमि को मूल स्वामियों को वापस दिलाया जाए इस पर भी चर्चा किया गया।
8. ग्राम सभा की सहमति अनिवार्यता भूमि अधिग्रहण कानून पेसा कानून एवं वन अधिकार मान्यता अधिनियम के तहत किसी भी परियोजना खनन वन भूमि का डायवर्सन या भूमि अधिग्रहण ग्राम सभा की पूर्ण सहमति के बिना स्वीकृत न की जाए। फर्जी ग्राम सभा एवं दावा पूर्ण सहमतियों की जांच कराई जाए।
9. उद्योग व्यापार एवं खनन में स्थानीय हिस्सेदारी खनिज संपदा से प्राप्त लाभ आदिवासी समुदाय की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित की जाए प्रभावित ग्राम सभाओं एवं स्थानीय समुदाय को शेयर होल्डर बनाया जाए।
10. नक्सल मामलों के निर्दोष बंदियों की रिहाई वर्षों से नक्सल मामलों में जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों एवं ग्रामीणों के मामलों की उच्च स्तरीय समीक्षा कर उनकी रिहाई की जाए उनके खिलाफ चल रहे केस को प्रशासन की ओर से वापस लिया जाए ।
11. डीलिस्टिंग का विरोध*अनुच्छेद 25, 26 धर्म परिवर्तन के आधार पर अनुसूचित जनजाति दर्जा प्राप्त व्यक्तियों का डीलिस्टिंग न किया जाए।
12. आस्थाकेंद्र एवं सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण आदिवासियों का देव गुड्डी सरना स्थल पेन ठाना गोकुल धूमकुरिया एवं अन्य पारंपरिक व ऐतिहासिक आस्था केंद्रों को पांचवी अनुसूची पेशा कानून के अंतर्गत कानूनी संरक्षण किया जाए।
13. पेसा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन पेसा अधिनियम के सभी प्रावधानों का जमीन स्तर पर पालन सुनिश्चित की जाए ग्राम सभा को वास्तविक यूनियन एजेंसी बनाते हुए प्रशासनिक एवं आर्थिक अधिकार प्रदान की जाए पांचवी अनुसूचित क्षेत्रों में अनुच्छेद 243 के अनुसार किसी भी प्रकार के नगरीय निकाय के गठन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए और जिनका गठन हो चुका है उनको निरस्त किया जाए।
14. वन अधिकार मान्यता अधिनियम एफ आर ए का पूर्ण क्रियवनयन किया जाए लंबित व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार दावों का सभी प्रकार के दावों का शीघ्र ग्रहण किया जाए सामुदायिक वन संसाधन सीएफआरआर अधिकारों को प्रभावी रूप से लागू किया जाए अभ्यारण टाइगर रिजर्व क्षेत्र में मूल सुविधा एवं वनों पर संग्रहण करने दिया जाए।
15. आदिवासी शिक्षा एवं मातृभाषा संरक्षण प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा में उपलब्ध कराई जाए इसके लिए शिक्षक नियुक्ति आदिवासी विद्यार्थियों के लिए छात्रावास छात्रवृत्ति एवं शिक्षा के अवसर बढ़ाई जाए छात्रवृत्ति हेतु एसटी वर्ग के आय सीमा को ढाई लाख की बाध्यता को समाप्त किया जाए।
16. पांचवी अनुसूची एवं आदिवासी स्वशासन छत्तीसगढ़ का 61% भौगोलिक हिस्सा अनुसूची क्षेत्र में आता है तथा पांचवीं अनुसूची क्षेत्र के प्रावधानों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए अनुसूचित क्षेत्रों में स्वशासन की संवैधानिक भावना को लागू किया गया अनुसूचित क्षेत्र के इनर लाइन परमिट लागू किया जाए सक्रिय एवं प्रभावी बनाए जाए। सर्व आदिवासी समाज द्वारा हिदायत दिया गया है। दिनांक 22 जून 2026 को सम 2 बजे दोपहर को अंबेडकर चौक में उपस्थित होकर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च करते हुए शासन और प्रशासन को ज्ञापन दिया गया इसमें हजारों की संख्या में उपस्थित रहे।
मुख्य रूप से आदिवासी समन्यव समिति के बी एस नागेश जिला अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज (रूढ़ि जन्य परंपरा पर आधारित) , सुनील मिंज अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज पंजीकृत (4230) नवीन सिदार युवा जिलाअध्यक्ष, उपाध्यक्ष गजेंद्र सिंह श्रीमती सोमवती सिदार जिला अध्यक्ष महिला प्रभाग( रूढ़ि जन्य परंपरा पर आधारित) अर्चना सिदार विजय भगत, संजय उरांव , टेरेसा केरकेट्टा, सुलोचना राठिया तिजोरी सिदार शिव शंकर पैंकरा काशीराम सिदार, विनोद राजगोंड, सुभाष प्रसाद गोंड, गुड़मणी मोय, तिजोरी एकलव्य अभिमन्यु बोधराम श्याम मनोहर बीरबल मेहतर राम रामलाल हरि कुमार सूरज संजय विजय तिर्की लक्ष्मण मनहरण दुलार ज्योति प्रेम कुमारी तेरे सा लोकेश सुनील मुरलीधर देव सिंह दीपक धनंजय क्रिस्टीना बाखला उपस्थित रहे।











