October 21, 2026

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रायगढ़ शहर में शोभा यात्रा, रावण दहन कार्यक्रम के मद्देनजर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, रायगढ़ पुलिस द्वारा घरघोड़ा में झपटमारी और लूटपाट की दो वारदातों का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार; एक फरार, आरोपियों ने पहले मोटर सायकल चालक से की मोबाइल लूट फिर ट्रेलर चालक को चाकू दिखाकर नकदी लूटे रायगढ़ में आज तीन जगह होगा रावण दहन, नटवर स्कूल मैदान में बनेगा 50 फीट का पुतला रायगढ़ में मां अन्नपूर्णा रसोई की सेवा जारी, मरीजों के परिजनों को मिल रहा मुफ्त भोजन हाथियों ने 14 किसानों की फसलें रौंदी, जिले में 85 हाथियों की मौजूदगी विजयदशमी पर रायगढ़ पुलिस लाइन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ शस्त्र पूजन, एसएसपी शशि मोहन सिंह की उपस्थिति में पुलिस अधिकारियों ने की मां भगवती की आराधना,परंपरानुसार हुई हर्ष फायरिंग
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रायगढ़ में नही होता यातायात नियमों का पालन, स्कूली छात्रों की जान जोखिम में , मोटा पैसा वसूल रहे वाहन चालक, आखिर कब होगी कार्रवाई

रायगढ़ । शहर की सड़कों पर हर रोज़ खुला खेल चल रहा है। ऑटो रिक्शा, यात्री बसें और स्कूल वाहन – तीनों ही आरटीओ व यातायात नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं, और जिम्मेदार विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। सालों से यह मुद्दा बार-बार सुर्खियाँ बनता है, लेकिन कार्रवाई का नामोनिशान तक नहीं।

सबसे पहला और सबसे साफ़ उल्लंघन है ऑटो चालकों का। मोटर व्हीकल एक्ट और छत्तीसगढ़ राजपत्र अधिसूचना के अनुसार हर परमिटधारी ऑटो चालक को खाकी वर्दी और नाम-पता लिखा बिल्ला लगाना अनिवार्य है। हकीकत यह है कि 90% से ज्यादा ऑटो चालक सादे कपड़ों में ही सवारी ढो रहे हैं। न वर्दी, न बिल्ला, न शर्म। ट्रैफिक पुलिस और RTO की टीमें रोज़ गश्त करती हैं, पर चालान की कलम कभी नहीं चलती। यही हाल शहर की प्राइवेट यात्री बसों का है। चालक और परिचालक मनमाने कपड़ों में रहते हैं। कई बसों में तो परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट तक नहीं होते, फिर भी निर्भय होकर दौड़ रही हैं।
सबसे गंभीर और खतरनाक मामला बच्चों के वाहनों का है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश स्पष्ट हैं – स्कूल बच्चों की ढुलाई सिर्फ पीली पट्टी (कमर्शियल नंबर प्लेट) वाले वाहनों से हो सकती है। लेकिन रायगढ़ में उल्टा चल रहा है। 80 फीसदी से ज्यादा स्कूल वैनें सफेद बोर्ड वाली प्राइवेट गाड़ियाँ हैं – ओमनी वैन, ECO वैन, तथा अन्य वाहन। इनमें न जीपीएस है, न फर्स्ट-एड किट, न महिला अटेंडेंट और न ही स्पीड गवर्नर। बच्चों की जान जोखिम में डालकर मोटा पैसा कमाया जा रहा है, परिवहन विभाग तक सब मौन हैं।

सवाल यह भी है कि ऑटो चालकों और स्कूल वाहन चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन हुआ है या नहीं? बिना वेरिफिकेशन के अगर कोई अपराधी भी सवारी ढो रहा है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? जब इस पूरे मामले में रायगढ़ ऑटो रिक्शा चालक संघ के अध्यक्ष से बात की गई तो उन्होंने कहा की “ट्रैफिक DSP उत्तम प्रताप सिंह और नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने हमें 100-100 यानी कुल 200 खाकी वर्दियाँ देने का आश्वासन दिया है। शेष वर्दियाँ उर्दना बटालियन उपलब्ध कराएगा। जैसे ही वर्दियाँ आएंगी, हम सभी चालकों को पहनने के लिए बाध्य करेंगे। वही एक ओर देखा जाए तो RTO विभाग कभी-कभार स्कूल बसों की जांच कर अपनी पीठ थपथपाते नजर आते हैं। अगर जल्दी सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह लापरवाही कभी भी बड़ा हादसा बन सकती है।

Sailaab News
Author: Sailaab News

Owner name : ajay kumar khatri

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